लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। लेकिन इससे पहले इस बिल पर 12 घंटे की चर्चा चली। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस चली। इस दौरान ओडिशा के पुरी से बीजेपी सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि कई इस्लामिक देशों में वक्फ का वजूद नहीं जबकि भारत में वक्फ बोर्ड को कानूनी मान्यता प्राप्त है। उसके बाद भी हंगामा क्यों बरपा हुआ है? संबित पात्रा ने कहा, 'मैं सदन में उन इस्लामिक देशों का नाम बताना चाहूंगा जहां वक्फ का वजूद नहीं है। तुर्की, लीबिया, इजिप्ट, सुडान, लेबनान, सीरिया, जॉर्डन, ट्यूनीशिया, इराक जैसे इस्लामिक देशों में वक्फ बोर्ड नहीं है। वहीं भारत में वक्फ बोर्ड है। भारत में वक्फ की प्रॉपर्टी को कानूनी सुरक्षा दी गई है। मैं पूछना चाहता हूं कि उसके बाद भी हंगामा क्यों है बरपा?' 1955 में पहली बार वक्फ बोर्ड अस्तित्व में आयादेश में 1955 में पहली बार वक्फ बोर्ड अस्तित्व में आया। भारतीय संसद ने वक्फ एक्ट 1954 के नाम से कानून बनाया। वक्फ में मिलने वाली जमीन या प्रॉपर्टी की देखरेख के लिए कानूनी तौर पर एक संस्था बनी और इसे ही वक्फ बोर्ड कहते हैं। 1955 में कानून लागू होने के एक साल बाद इस कानून में संशोधन कर हर राज्यों में वक्फ बोर्ड बनाया गया। वक्फ बोर्ड का कैसे आया था आइडियाअसल में, 1947 में देश का बंटवारा हुआ तो बड़े पैमाने पर मुस्लिम देश छोड़कर पाकिस्तान गए थे। ऐसे में पाकिस्तान जाने वाले लोगों की जमीन और प्रॉपर्टीज ऐसे ही रह गई। तब वक्फ बोर्ड बनाकर पाकिस्तान जाने वाले लोगों की जमीनों और संपत्तियों का मालिकाना हक इस कानून के जरिए वक्फ बोर्ड को दे दिया गया। वक्फ के दावे को चुनौती नहीं दी जा सकती थीभारत में वक्फ बोर्ड का वजूद है लेकिन तुर्की, लीबिया, मिस्र, सूडान, लेबनान, सीरिया, जॉर्डन, इराक और ट्यूनीशिया जैसे इस्लामिक देशों में ऐसा कोई बोर्ड नहीं है। भारत ही ऐसा देश है, जहां वक्फ बोर्ड बनाकर मुसलमानों को जमीनें दी गईं। वह भी वक्फ अगर किसी जमीन पर दावा कर दे तो कोई व्यक्ति इसे किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकता था। सरकार का कहना है कि 1950 में पूरे देश में वक्फ बोर्ड के पास सिर्फ 52 हजार एकड़ जमीन थी, जो वर्ष 2009 में 4 लाख एकड़ हो गई। 2014 में 6 लाख एकड़ हो गई और अब वर्ष 2025 में वक्फ बोर्ड के पास देश की कुल 9 लाख 40 हजार एकड़ जमीन है।
You may also like
कौन सा पेट्रोल आपके वाहन को बेहतर माइलेज देता है? चौंकाने वाले परिणाम देखें। ╻
यूपी का मौसम 4 अप्रैल 2025: बांदा, चित्रकूट, झांसी में आज 40 पार करेगा पारा, गर्मी से मचेगा हाहाकार
बिहार में इंसेक्ट कलेक्टर के पदों पर भर्ती, 1वीं पास को मौका ╻
स्कूल बसों का पीला रंग: जानें इसके पीछे का विज्ञान
सरकार का नया नियम: जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई