मुंबई। पूर्व केंद्रीय मंत्री व एनसीपी-(एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार (29 अगस्त) को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि सी.पी. राधाकृष्णन जब झारखंड के राज्यपाल थे, तब एक आदिवासी मुख्यमंत्री को राजभवन के अंदर गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि वह भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की क्या गरिमा रखेंगे?
शरद पवार ने पिछले साल हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि मैं राज्यपाल के पद का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं यह नहीं भूल सकता कि जब वह झारखंड के राज्यपाल थे, तो आदिवासी समुदाय से आने वाले उस राज्य के मुख्यमंत्री को उनके अनुरोध के बावजूद राजभवन के अंदर गिरफ्तार किया गया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने आगे कहा कि इससे पता चलता है कि संस्थानों और उनकी गरिमा बनाए रखने के बारे में सी.पी. राधाकृष्णन के क्या विचार हैं और अब ऐसे व्यक्ति को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है। पवार ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी से उनके मुंबई स्थित आवास पर मुलाकात के बाद ये बातें कही।
पवार बोले- उपराष्ट्रपति चुनाव में पूरे देश को दिलचस्पी
एनडीए की ओर से नामित सी.पी.राधाकृष्णन मौजूदा वक्त में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। पवार ने कहा कि पूरा देश उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्पी रखता है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले उपराष्ट्रपति ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था, जिससे सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ सांसद होने के नाते, मुझे भी इसके कारणों की जानकारी नहीं है। इस पद की गरिमा सरकार और विपक्ष, दोनों को बनाए रखनी चाहिए, इसलिए यह चुनाव इतना महत्वपूर्ण हो जाता है।
विपक्ष रेड्डी का एकमत से करेगा समर्थन
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी का एकमत से समर्थन कर रहा है। न्यायाधीश के रूप में रेड्डी ने अपने कार्यकाल के दौरान जो भी फैसले लिए, वे आम आदमी के अधिकारों की रक्षा के लिए थे, इसलिए ऐसे व्यक्ति का इस चुनाव में आगे आना हमारे लिए गर्व की बात है। सफलता या असफलता महत्वपूर्ण नहीं है, जो मायने रखता है वह है कुर्सी की गरिमा बनाए रखना।
राधाकृष्णन को समर्थन के लिए फडणवीस ने किया था फोन: पवार
वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पवार ने ये भी कहा कि उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एनडीए उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगने के लिए फोन आए थे। फडणवीस लगातार एक ही बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि उम्मीदवार महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, इसलिए सभी को उन्हें वोट देना चाहिए, लेकिन यह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है।
देश एक है, राष्ट्र एक है: बी. सुदर्शन रेड्डी
इस बीच, बी. सुदर्शन रेड्डी ने इस बात को खारिज कर दिया कि यह मुकाबला 'दक्षिण बनाम दक्षिण' का है, क्योंकि दोनों उम्मीदवार दक्षिणी राज्यों से हैं। उन्होंने कहा, इसे इस तरह से चित्रित करना सबसे अनुचित है। यह दो व्यक्तियों के बीच मुकाबला है। देश एक है, राष्ट्र एक है।
रेड्डी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा किए कि मैं आधुनिक महाराष्ट्र के निर्माणकर्ता और राजनेता का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैं किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं हूं और न ही किसी में शामिल होने का इरादा रखता हूं। शायद इसी वजह से सभी विपक्षी दलों ने मुझे अपना उम्मीदवार चुना है। अगर हर पार्टी और हर सांसद मेरी उम्मीदवारी पर योग्यता के आधार पर विचार करेंगे तो मैं उनका आभारी रहूंगा। रेड्डी ने कहा कि मैं पार्टी से जुड़े सभी सांसदों को पत्र लिखूंगा।
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